घर की महिलाओं को अक्सर एक साथ तीन-चार काम निपटाते हुए देखा जा सकता है। अंग्रेजी भाषा में इस हुनर को मल्टीटास्किंग का नाम दिया जाता है। पर क्या वाकई ये कोई सराहनीय काम है?

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महिला हो या पुरुष, मल्टीटास्किंग होना दोनों में से किसी के लिए भी ठीक नहीं है। हालांकि शहरी जीवन शैली में मल्टीटास्किंग होना एक वास्तविकता है।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, व्यक्ति का मल्टीटास्किंग होना आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।

जिसकी वजह से व्यक्ति अपने काम पर पूरा ध्यान न दे पाने के अलावा भ्रम, तनाव और चिंता के बीच घिरा रहता है।

क्या होता है मल्टीटास्किंग-

मल्टीटास्किंग होने से व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिसमें चिंता, गंभीर तनाव और अवसाद शामिल हैं।

मल्टीटास्किंग होने के साइड इफेक्ट्स-

तनाव देता है-

मल्टीटास्किंग होना आपके मस्तिष्क की सभी ऊर्जा को छीन लेता है, जिसे न्यूरोसाइंटिस्ट कहते हैं।

ऊर्जा छीन लेता है-

जब आप एक कार्य को अचानक बीच में छोड़कर दूसरे काम पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए बाधित करते हैं, तो आप अपनी अल्पकालिक स्मृति को परेशान करते हैं।

याददाश्त को करता है प्रभावित-

बहुत से लोग सोचते हैं कि मल्टीटास्किंग होने से उनकी उत्पादकता का स्तर बढ़ सकता है। लेकिन, हकीकत इसके उलट है!

ध्यान केंद्रित न कर पाने की समस्या-