आईपीएल का आगाज चेन्नई और कोलकाता के बीच मुकाबले से हुआ. जडेजा की अगुवाई में मैदान पर उतरी CSK ने तुषार देशपांडे को प्लेइंग इलेवन में जगह दी. इससे पहले उन्होंने केवल 6 मैच ही आईपीएल में खेले हैं.

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26 वर्षीय गेंदबाज तुषार देशपांडे ने इंडियन प्रीमियर लीग के एक मैच में विषम पलों में शानदार गेंदबाजी करके दिल्ली कैपिटल्स को राजस्थान रॉयल्स पर 13 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी.

मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे अपने करियर के शुरू में बल्लेबाज बनने के इरादे से शिवाजी पार्क जिमखाना गये थे लेकिन बल्लेबाजी के

लिये लंबी कतार देखकर वह गेंदबाजों की कतार में खड़े हो गये और अब उन्हें अपने उस फैसले पर कोई मलाल नहीं है.

देशपांडे खुद बताते हैं कि वे गलती से तेज गेंदबाज बन गए. उन्होंने कहा कि यह 2007 की बात है जब मैं तीन चार लड़कों के साथ कल्याण से शिवाजी पार्क जिमखाना में चयन के लिये गया था.

बल्लेबाजों की लंबी कतार थी. उसमें 40-45 खिलाड़ी थे और 20-25 बल्लेबाज पैड पहनकर तैयार थे. गेंदबाजों की कतार में केवल 15-20 खिलाड़ी थे.

बाद तीन बजकर 30 मिनट का समय था और चयन छह से छह बजकर 30 मिनट तक ही होना था. मुझे लगा कि बल्लेबाजी के लिये लंबी कतार है और

मुझे मौका नहीं मिलेगा लेकिन इसके साथ ही मैं खाली हाथ नहीं लौटना चाहता था और इसलिए मैं गेंदबाजों की कतार में खड़ा हो गया.

देशपांडे ने आगे कहा, 'उस समय तक किसी ने यह नहीं कहा था कि मैं एक औसत लड़के की तुलना में अधिक तेजी से गेंद करता हूं.

गेंदबाजों की कतार तेजी से आगे बढ़ रही थी और जब मेरी बारी आयी तो मुझे सौभाग्य से नयीं गेंद मिल गयी.' 'मैंने अपना रन अप तय किया और गेंद डाली

यह बहुत अच्छी आउटस्विंग थी और टप्पा खाने के बाद बड़ी तेजी से आगे गयी. पैडी सर (पदमाकर शिवालकर) ने कहा, 'बहुत अच्छी गेंद की, फिर से ऐसी गेंद करो.'

देशपांडे ने कहा, 'मुझे यह भी पता नहीं था कि वह कौन है लेकिन मैंने फिर से गेंद की. मैंने छह-सात गेंदें की और मुझे चुन लिया गया.'

देशपांडे बचपन से ही दिल्ली कैपिटल्स के अपने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ शिवाजी पार्क जिमखाना में अभ्यास करते रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दूसरे ओर तीसरे दिन भी यही प्रक्रिया अपनायी गयी. पैडी सर और संदेश कावले सर ने मेरा मनोबल बढ़ाया और मैंने जिमखाना से खेलने का फैसला किया और इस तरह से तेज गेंदबाज बन गया.