बॉलीवुड में क्रिकेट के ऊपर कई फिल्में बन चुकी हैं। क्रिकेट को लेकर रोमांच हमेशा ही लोगों के अंदर बना रहता है।

Share market के बारे मे अधिक जाणकारी चाहते हो, Share market investment करणा चाहते है, तो नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक करे. 

इस बार शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) फिल्म 'जर्सी' (Jersey) के साथ पर्दे पर सेंचुरी मारने के लिए तैयार हैं। 'जर्सी' सिनेमाघरों में 22 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है।

'कबीर सिंह' के बाद शाहिद की इस फिल्म का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। अगर आप भी फिल्म देखने का मन बना रहे हैं तो पहले रिव्यू पढ़ लें।

फिल्म: जर्सी कास्ट: शाहिद कपूर, मृणाल ठाकुर, पंकज कपूर, रोनित कामरा निर्देशक: गौतम तिन्ननुरी कहां देखें- सिनेमाघर

फिल्म 'जर्सी' एक ऐसे लड़के की कहानी दिखाती है, जो अपने करियर के बीच में ही क्रिकेट खेलना छोड़ देता है। फिर 36 साल की उम्र में कई मुश्किलों के साथ कमबैक करता है।

'सौ में से कोई एक ऐसा होता है, जिसे कामयाबी मिलती है, लेकिन अर्जुन की कहानी उन 99 लोगों की है जो नाकामयाब होकर भी कभी कामयाबी की उम्मीद नहीं छोड़ते हैं।

इस लाइन में अर्जुन तलवार (Shahid Kapoor) का पूरा परिचय दिया जाता है। फिल्म की कहानी क्रिकेटर अर्जुन तलवार की जिंदगी के ईर्द-गिर्द घूमती है।

। वो एक ऐसा पति है, जो अपनी पत्नी विद्या तलवार (Mrunal Thakur) की नजरों में नकारा बन चुका है। एक पिता है, जो बेटे किट्टू (Ronit Kamra) की नजरों में हमेशा हीरो बने रहना चाहता है।

अर्जुन पूर्व रणजी क्रिकेट खिलाड़ी हुआ करता था, जिसने अपने करियर के शीर्ष पर खेलना छोड़कर सरकारी नौकरी करनी शुरू कर दी थी। लेकिन झूठे केस में फंसकर उसके हाथ से सरकारी नौकरी भी चली जाती है।

अब अर्जुन घर पर हारकर बैठ जाता है, जिसकी जिंदगी का कोई खास मकसद नहीं है। उसकी जिंदगी में मोड़ तब आता है, जब उसका बेटा 500 रुपये की जर्सी बर्थडे पर मांग लेता है।

अर्जुन कई कोशिशों के बाद भी जर्सी के लिए पैसे नहीं जुटा पाता और अपनी ही नजरों में गिर जाता है। अपने बेटे की नजरों में इज्जत बनाए रखने के लिए अर्जुन 36 साल की उम्र में कमबैक करने की ठान लेता है।

इसमें उसका फुल सपोर्ट करते हैं कोच (Pankaj Kapur)। अब अर्जुन इस कोशिश में कितना कामयाब होता है? उसने 10 साल पहले क्रिकेट खेलना क्यों छोड़ दिया?

फिल्म 'जर्सी' में शाहिद कपूर अपने रोल में खूब जमे हैं। क्रिकेटर के रोल में शाहिद ने हताशा, गुस्सा, दुख, खुशी हर इमोशन्स को बखूबी निभाया है।