इस साल जन्माष्टमी की दो तारीक सामने आ रही हैं। कई लोग 18 अगस्त तो कई 19 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने वाले हैं। जन्माष्टमी चाहें कभी की भी हो लोगो का उत्साह हमेशा एक सा रहता है।

इस त्योहार पर महिलाएं अपने बेटे को बाल गोपाल का रूप देती हैं। यहां हम बता रहे हैं बेटे को कान्हा का रूप देने के लिए कुछ स्टाइलिंग टिप्स।

लड़कों के लिए धोती एक ट्रेडिशनल इंडियन आउटफिट है। कृष्णा बनाने के लिए आपको बेटे के लिए एक प्यारी धोती की जरूरत होगी। आप अपने पसंदीदा रंग में धोती को खरीद सकते हैं।

धोती

बेटे को कान्हा बनाने के लिए मुकुट बहुत जरूरी है। बेटे के लिए बाल कृष्ण वाला रूप पाने के लिए आप मोर पंखी मुकुट बेटे को पहनाएं।

मोर पंखी मुकुट

भगवान कृष्ण को 'मुरलीधर' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है वह जो 'मुरली' या बांसुरी को सुशोभित करता है। माना जाता है कि कृष्ण ने कई मंत्रमुग्ध करने वाली धुनें बजाईं और अपनी बांसुरी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बांसुरी

गहनों के बिना, भगवान कृष्ण की पोशाक अधूरी होगी। कृष्ण आमतौर पर कीमती और अर्ध-कीमती गहने जैसे हार, कंगन, पायल जैसी चीजों को पहना सकते हैं।

गहने

कृष्ण रूप का अगला जरूरी हिस्सा 'तिलक' है, जिसे माथे पर लगाया जाता है। दूसरे किसी तरह के मेकअप को लगाने से बचें। क्योंकि यह उसकी नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।

मेकअप

इस साल जन्माष्टमी की दो तारीक सामने आ रही हैं। कई लोग 18 अगस्त तो कई 19 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने वाले हैं। जन्माष्टमी चाहें कभी की भी हो लोगो का उत्साह हमेशा एक सा रहता है।