रिटायरमेंट के बाद होम लोन (HOME LOAN) लेने में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. बैंक इतनी आसानी से होम लोन नहीं देते. जानिए कुछ बातें जिन्हें ध्यान में रखने से आपकी मुश्किल आसान हो सकती है.

स्टेबल पेंशन वाले रिटायर्ड व्यक्ति को लोन मिलने की संभावना अधिक होती है. इसके अलावा आवेदक को ध्यान में रखना होगा कि उनकी उम्र आवेदन की तारीख से 70 साल से अधिक ना हो.

स्टेबल पेंशन

अगर आप अपने साथ एक को-एप्लिकेंट जोड़ लेते हैं, तो ऐसे में बैंक आपको लोन देने में कम जोखिम मान कर लोन दे सकते हैं.

ऐसे बढ़ा सकते हैं लोन की रकम

घर खरीदते समय आप अपना कॉन्ट्रिब्यूशन जितना ज्यादा रखेंगे उतना बेहतर होगा. इससे आपकी बनने वाली ईएमआई की वैल्यू तो कम होगी ही साथ बैंक का रिस्क फैक्टर भी कम होगा.

लोन टू वैल्यू रेशियो रखें कम

इसमें आपको किसी एसेट की गारंटी देकर लोन लेना होता है. सिक्योर्ड लोन के लिए तैयार नियम भी, अनसिक्योर्ड की अपेक्षा में थोड़े कम हैं.

सिक्योर्ड लोन

1. रिटायर्ड व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर भी अच्छा होना जरूरी होता है. इसलिए बेहतर सिबिल मेन्टेन करें.

इन बातों का भी रखें ध्यान

2. प्राइवेट बैंक की जगह आप सरकारी बैंकों में लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. पेंशनर को अलग से लोन भी दिए जाते हैं. 

इन बातों का भी रखें ध्यान

Loan  के बारे मे अधिक जाणकारी चाहते हो, Loan लेने के लिए अधिक जानकारी चाहते है, तो नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक करे