क्या है कहानी: अर्ध की कहानी शिवा (राजपाल यादव) के ईर्द गिर्द घूमती है, जो एक्टर बनने के लिए मायानगरी मुंबई में अपनी किस्मत आजमा रहा है।

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परिवार में आर्थिक तंगी है इसलिए शिवा एक ओर जहां ऑडिशन्स देता है तो वहीं दूसरी ओर छोटे मोटे अलग अलग काम करके घर चलाता है।

इसके साथ ही शिवा,  पार्वती नाम से किन्नर बनकर भी काम करता है, जिसके बारे में उसकी पत्नी मधु के अलावा उसके एक दोस्त सत्या (हितेन तेजवानी) को पता है।

शिवा की पत्नी मधु (रुबीना दिलैक) भी काम करती हैं, ताकि पति की आर्थिक सहायता कर सके। शिवा और पार्वती का एक बेटा है, जिसे दोनों पढ़ा लिखाकर काबिल बनाना चाहते हैं।

एक ऐसा किरदार मिल जाए जिससे वो बतौर एक्टर अपनी काबिलियत साबित कर सके, अब ऐसा वो कर पाता है या नहीं, ये जानने के लिए आपको इस फिल्म को देखना होगा।

क्या कुछ है खास: जैसा कि कहा जाता है कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, यही बात आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगी। शिवा के किन्नर बनने की शुरुआत से लेकर किन्नर बने रहे

और उसके बने रहने तक का डर थोड़ा बांधे रखता है। सीरीज के डायलॉग्स काफी ज्यादा आम बोलचाल की भाषा में लिखे हैं, जिससे आम इंसान कनेक्ट कर पाएगा।

फिल्म में इस बात को भी बखूबी दिखाया गया है कि किसी भी शख्स का लुक कितना मायने रखता है, क्योंकि उसे जाने बिना है ही सामने वाला शख्स उसे माप लेता है और अपने मुताबिक फैसला ले लेता है।