भारतीय एक्सचेंज की ओर से विदेश से खरीदे गए और भारत में खरीदी-बिक्री करने वाले क्रिप्टोकरंसी पर टैक्स लग सकता है। इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

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कर विभाग इस बात की जांच कर रहा है भारत में ट्रेडिंग की अनुमति देने वाले एक्सचेंज अपनी क्रिप्टोकरंसी का प्रबंधन कैसे करते हैं और क्या कोई तत्व या लेनदेन है जहां वस्तु एवं सेवा कर लागू हो सकता है।

इस समय भारत में कई क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज संचालित हैं लेकिन इनमें से बड़े एक्सचेंज के पास ही वास्तव में भारतीयों निवेशकों को बेचने और खरीदने के लिए अपनी किप्टोकरंसी उपलब्ध है।

कुछ बड़े एक्सचेंज की भारत से बाहर भी शाखाएं हैं जिनके पास बड़ी मात्रा में क्रिप्टो असेट्स हैं। यह एक्सचेंज बिक्री से पहले क्रिप्टो को भारतीय एंटिटी को हस्तांतरित करते हैं।

देश के 11 क्रिप्टो एक्सचेंज ने संयुक्त रूप से 81.54 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में यह जानकारी दी है।

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय जीएसटी प्राधिकरण ने यह कर चोरी पकड़ी और जुर्माने के साथ 95.86 करोड़ रुपये वसूले हैं। जीएसटी चोरी करने वालों में कई नामी-गिरामी क्रिप्टो एक्सचेंज भी शामिल हैं।